Sau kirdaar hain

हर शख्स के यहाँ सौ किरदार है,
ख़ुद मे रह कर भी लोग ख़ुद से फरार है,

जो देखते है ओरों के ऐब,
वो कहाँ कर पाते अपना दीदार है,

जो मरते हैं हुस्न मे,
तो फिर उन्हीं की हार है,

निभा कर बेवफाई वो ,
क्यों करते मोहब्बत का इकरार है,

करके हज़ार गुनाह वो,
जाने कैसे पाते करार है..!

Ammara Khan By : Ammara Khan

Hindi Poetry Views - 424 19th Jan 2021

Paas the bilkul

बिछड़ते वक्त पास थे बिल्कुल,
एक दूजे के एहसास थे बिल्कुल,
 
अब अजनबी हो गए हैं वो भी,
जो मेरे अपने ख़ास थे बिल्कुल,
 
अब लगाती भी नहीं होंठो से,
पहले उसकी प्यास थे बिल्कुल,
 
वो अक्सर मुझको पहना करती थी,
जैसे उसका लिबास थे बिल्कुल,
 
अब जाकर सौ पर्सेंट हुए,
पहले तुम पचास थे बिल्कुल,
 
सारी बातें झूठी निकली,
सब के सब कयास थे बिल्कुल,
 
अब समझदार हो गए तुम "जामी",
पहले हुच्चू दास थे बिल्कुल..!

Jami Ansari By : Jami Ansari

Paigaam Shayari Views - 489 19th Jan 2021

Tanhai dekhi nahi jati

रात की तन्हाई देखी नहीं जाती,
वक़्त की ठहराई देखी नहीं जाती,
 
में अक्सर उसको फूल कहा करता था,
अब वो मुरझाई देखी नहीं जाती,
 
वो मुझमें उलझी हुई अच्छी लगती है,
मुझसे सुलझी सुलझाई देखी नहीं जाती,
 
जितनी हो सके उतनी बुराई पैदा कर,
लोगों से अच्छाई देखी नहीं जाती,
 
वो अक्सर बातें काट देती है मेरी,
अक्सर ये रुसवाई देखी नहीं जाती,
 
मैं बस एक चौथाई देख पाता हूं उसे,
बाकी तीन चौथाई देखी नहीं जाती,
 
मैं लगभग छः फुट का हूं "जामी",
उससे मेरी लंबाई देखी नहीं जाती..!

Jami Ansari By : Jami Ansari

Zindagi Shayari Views - 714 16th Jan 2021

Tuta dil mera

तेरे प्यार ने मुझे अंदर से तोड़ दिया है,
तेरे बेह वजह के इल्जामों ने झंझोड़ दिया है

अब तो तुझ से क्या कहु मै तूने तो मुझे खुद की
ही नज़रो मे गिरा दिया है,

जो दिल तेरे नाम ले लेकर धड़का करता था कभी,
आज उस दिल मे तेरे लिए कुछ नहीं है,

एक अजीब सी ख़ामोशी सी है बस,
अब ना तो इस दिल मे तेरे लिए प्यार ही बचा है,

और ना ही अब नफरत है,
तुमने  मेरी रूह तक को निचोड़ दिया है..!

Aliya khan By : Aliya khan

Dard Shayari Views - 705 15th Jan 2021

Hunar se dete

लोग दिल देते हैं तो अपने हुनर से देते,
हमारे पास था ही नहीं हम किधर से देते,
 
बरसों बीत जाते तुम्हे उभरते उभरते,
एक गहरा अगर ज़ख़्म तुम्हें भीतर से देते,
 
खैर मनाओ की शतरंज छोड़ दी वर्ना,
हम देते तुम्हें मात तो बड़े अंतर से देते,
 
मेरे बाबा ने मुझे नरम दिली सिखाई है वर्ना,
हम भी इंटों का जवाब तुम्हें पत्थर से देते,
 
हम होते अगर अब भी पुराने दौर में "जामी",
लिख कर तुम्हें प्यार के ख़त कबूतर से देते..!

Jami Ansari By : Jami Ansari

Zindagi Shayari Views - 493 11th Jan 2021
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