Roothi padi hui hain

खुशियां मुझसे आज कल रूठी पड़ी हुईं हैं,
चंद ख्वाबों की मंज़िलें उजड़ी पड़ी हुईं हैं,

एक तूफ़ान के आते ही समंदर भर में,
सारी की सारी कश्तियां उल्टी पड़ी हुईं है,

अजीब उलझन है की मात किसको दूं,
मेरी तो दुश्मनों में भी दोस्ती पड़ी हुईं हैं,

दरिया है, समंदर है, झील है क्या है ज़मीं पर,
जो आंसुओं की चंद बूंदें टपकी पड़ी हुई है,

बेहद मिठास हो गई थी हम दोनों के दरमियान,
इसलिए हम दोनों में अब चींटी पड़ी हुईं हैं,

पीछा नहीं छोड़ती "जामी" उम्र बढ़ने पर भी,
यादें बचपन की इस तरह लिपटी पड़ी हुईं है..!

Jami Ansari By : Jami Ansari

Aansoo Shayari Views - 788 28th Jan 2021

Seene se laga kar sun vo dhadkan

सीने से लगा कर सुन वो धड़कन,
जो हर पल तुझे मिलने की ज़िद करती हैं,

जिन बातों को हम कह भी न सकते हैं,
उन्हें खामोशी अच्छे से बया करती हैं,

मेरी दलीले हर बार टाल दी जाती हैं,
मुलाकात के ज़िक्र पर मुझे नयी तारीख मिलती हैं,

अल्फ़ाज़ काफी हो चुके हैं,
तुम सुनने तो आओ मेरी ये धड़कन भी कुछ कहती हैं..!

Heena dangi By : Heena dangi

Intezaar Shayari Views - 3895 27th Jan 2021

Sun na yaar

अच्छा सुन ना यार,
तेरी आखों में खोना चाहती हूँ,

अपने सारे गम भुलाकर,
सिर्फ तेरा होना चाहती हूँ,

मैं इस अंदाज़ में तुझसे महोब्बत चाहती हूँ,
तेरे ख्वाबों में भी अपनी हुकूमत चाहती हूँ..!

Heena dangi By : Heena dangi

Ishq Shayari Views - 492 27th Jan 2021

Chehre ki muskaan

मेरे चेहरे की मुस्कान है तू,
इन आँखो की रूह का सुकून है तू,

मेरी ज़िन्दगी का एक महकता हुआ गुलाब है तू,
मेरे आँगन में खिलती हुई धूप है तू,

रात की रानी की तरह एक भीनी भीनी सी सुगंध है तू,
सदा सलामत रहे अब तो खुदा से मेरी दुआ है तू..!

Aliya khan By : Aliya khan

Romantic Shayari Views - 676 25th Jan 2021

Jhagde paale hue hain

दरिया-ओ-समंदर ने कई कतरे पाले हुए हैं,
पंछियों ने भी यहां कई पिंजरे पाले हुए हैं,

जो एक साल गुज़रा उसके दरमियान हमने,
बातों के साथ साथ कई झगड़े पाले हुए हैं,

पेश आता है मोहब्बत से, नफरत भी करता है,
यहां हर एक शख्स ने कई लहजे पाले हुए है,

गुज़र जाती है सुबह शाम तुम्हे सुनाते हुए,
मैने भी बचपन के कई किस्से पाले हुए हैं,

बहाने खूब बना रखे हैं मैने तुम्हे बुलाने के,
तुमने भी न आने के कई हीले पाले हुए हैं,

तू बे-गैरत कि तुझसे एक मां नहीं संभाली जाती,
और एक मां ने तेरे जैसे कई बच्चे पाले हुए हैं,

मुझे इस बात पे फखर है कि "जामी" आज तक,
ग़लत फहमी नहीं पाली कई कुत्ते पाले हुए हैं..!

Jami Ansari By : Jami Ansari

Zindagi Shayari Views - 764 22nd Jan 2021
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