एक तूफ़ान के आते ही समंदर भर में,
अजीब उलझन है की मात किसको दूं,
दरिया है, समंदर है, झील है क्या है ज़मीं पर,
बेहद मिठास हो गई थी हम दोनों के दरमियान,
पीछा नहीं छोड़ती "जामी" उम्र बढ़ने पर भी,
सीने से लगा कर सुन वो धड़कन,
जो हर पल तुझे मिलने की ज़िद करती हैं,
जिन बातों को हम कह भी न सकते हैं,
उन्हें खामोशी अच्छे से बया करती हैं,
मेरी दलीले हर बार टाल दी जाती हैं,
मुलाकात के ज़िक्र पर मुझे नयी तारीख मिलती हैं,
अल्फ़ाज़ काफी हो चुके हैं,
तुम सुनने तो आओ मेरी ये धड़कन भी कुछ कहती हैं..!
By : Heena dangi
अच्छा सुन ना यार,
तेरी आखों में खोना चाहती हूँ,
अपने सारे गम भुलाकर,
सिर्फ तेरा होना चाहती हूँ,
मैं इस अंदाज़ में तुझसे महोब्बत चाहती हूँ,
तेरे ख्वाबों में भी अपनी हुकूमत चाहती हूँ..!
By : Heena dangi
मेरे चेहरे की मुस्कान है तू,
इन आँखो की रूह का सुकून है तू,
मेरी ज़िन्दगी का एक महकता हुआ गुलाब है तू,
मेरे आँगन में खिलती हुई धूप है तू,
रात की रानी की तरह एक भीनी भीनी सी सुगंध है तू,
सदा सलामत रहे अब तो खुदा से मेरी दुआ है तू..!
दरिया-ओ-समंदर ने कई कतरे पाले हुए हैं,
पंछियों ने भी यहां कई पिंजरे पाले हुए हैं,
जो एक साल गुज़रा उसके दरमियान हमने,
बातों के साथ साथ कई झगड़े पाले हुए हैं,
पेश आता है मोहब्बत से, नफरत भी करता है,
यहां हर एक शख्स ने कई लहजे पाले हुए है,
गुज़र जाती है सुबह शाम तुम्हे सुनाते हुए,
मैने भी बचपन के कई किस्से पाले हुए हैं,
बहाने खूब बना रखे हैं मैने तुम्हे बुलाने के,
तुमने भी न आने के कई हीले पाले हुए हैं,
तू बे-गैरत कि तुझसे एक मां नहीं संभाली जाती,
और एक मां ने तेरे जैसे कई बच्चे पाले हुए हैं,
मुझे इस बात पे फखर है कि "जामी" आज तक,
ग़लत फहमी नहीं पाली कई कुत्ते पाले हुए हैं..!
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