Main tab hoon jab wo mere sath hai

मैं एहसास हूँ तो वो जज़्बात है,
मैं इश्क़ हूँ तो वो परवाज़ है, 

मैं ख्वाब हूँ तो वो ख्याल है,
मैं सवाल हूँ तो वो जवाब है,

मैं सुबह हूँ तो वो शाम है,
मैं दर्द हूँ तो वो आराम है, 

मैं चांदनी तो वो मेरा चाँद है,
मैं ज़िन्दगी तो वो मेरी साँस है,

मैं तब हूं जब वो मेरे साथ है..!

Ammara Khan By : Ammara Khan

Zindagi Shayari Views - 561 20th May 2021

Chai me waqt guzara hai

ठहर कर तुम्हारे साए में वक्त गुज़ारा है,
मुसलसल तुम्हारी राय में वक्त गुज़ारा है,
 
यूं ही हम एक होने की कगार पर नही पहुंचे,
हमने महीनों हैलो हाय में वक्त गुज़ारा है,
 
जो पहले देखता था फोटो अब भी देखता हूं,
बस इन्ही दिखे दिखाए में वक्त गुज़ारा है,
 
अपनी जान पहचान का राज़ बताऊं तुम्हे,
तुम्हारे हाथों की चाय में वक्त गुज़ारा है,
 
तुम कोई पेड़ नहीं, मगर फिर भी "जामी"
हमने तुम्हारी छाए में वक्त गुज़ारा है..!

Jami Ansari By : Jami Ansari

Romantic Shayari Views - 799 17th May 2021

Har mohbbat ki kismet mai aashiyaane nahi hote

हर मोहब्बत की किस्मत में,
आशियानें नहीं होते,

हर आश़िके के मुकम्मल,
फ़साने नहीं होते,

हर कोई मोहब्बत मे दिवानें नही होते,
दीवानों के दिल कभी विराने नहीं होते,

हर मोहब्बत के दुश्मन ज़माने नहीं होते,
कुरबा-ने-मोहब्बत के झूठे तराने नहीं होते,

हर मोहब्बत की किस्मत में,
आशियाने नहीं होते..!

Ammara Khan By : Ammara Khan

Mohabbat Shayari Views - 663 30th Apr 2021

Ek umar lagi

एक उम्र लगी ख़ुद को ये समझाने में,
के कोई नहीं होता अपना इस ज़माने में,

एक उम्र लगी ख़ुद को मनाने में,
के जो ना हो किस्मत में उसे जाने दें,

एक उम्र लगी ख़ुद को बेहलाने में
के जब उन्हें मोहब्बत ही नहीं तो क्या मतलब आज़माने में,

एक उम्र लगी ख़ुद को ये जताने में,
के जो लकीरों में नहीं, अच्छा है उसे भुलाने में,

एक उम्र लगी ख़ुद को ये कह कर हँसाने में,
ये ज़िन्दगी है अम्मारा इसे अब यूँ ही गुज़र जाने दे..!

Ammara Khan By : Ammara Khan

Judaii Poetry Views - 670 27th Apr 2021

Saath nahi dete

हर लम्हा हर पल साथ नहीं देते,
दोस्त भी आज कल साथ नहीं देते,

हां दे देते हैं साथ थोड़ा कभी कभी,
हां मगर मुसलसल साथ नहीं देते,

कुछ लोग सिखाते है ज़िन्दगी जीना,
देखो मगर पागल साथ नहीं देते,

चलना पड़ता है हमें कांटों पर भी,
हर वक्त यहां मखमल साथ नहीं देते,

ज़िन्दगी इतना रुलाती है कि कभी कभी,
आंखो के ये काजल साथ नहीं देते,

फोन लगाता हूं उसे, कट हो जाता है,
कमबख़्त ये सिग्नल साथ नहीं देते,

छाते तो है खुशी की घटा बन कर लेकिन,
"जामी" तुम्हारा ये बादल साथ नहीं देते..!

Jami Ansari By : Jami Ansari

Dosti Shayari Views - 879 19th Apr 2021
About Us
Bepanaah.in is a feeling that is very attached to our life. Like unbridled joy, unbridled pain, unbridled love. this website important for those pepole who love to write, who express own feelings. We update our website periodically with fresh shayari thats why you find unique and latest sher o shayari on Bepanaah.in
Follow Us
Facebook Likes

© Copyright 2020-24 bepanaah.in All Rights Reserved