Kis tarah manau tujhe

मैं रोऊं और आंसू बहाऊं, किस तरह मनाऊं तुझे,
तेरी राहों में पलकें बिछाऊं, किस तरह मनाऊं तुझे,
 
न तू मुझको मेसेज करती, न मैं तुझको मेसेज करता,
क्या मैं तुझको कॉल लगाऊं, किस तरह मनाऊं तुझे,
 
तुझको हसी भी पसंद मेरी, पसंद मेरी आवाज़ भी है,
क्या मैं तुझको हस के दिखाऊं, किस तरह मनाऊं तुझे,
 
मेरी आंखो का नुर भी है, करीब होकर तू दूर भी है,
कैसे तुझसे मिलने आऊं, किस तरह मनाऊं तुझे,
 
मुंह बनाए बैठा हुआ है, "जामी" मुझसे रूठा हुआ है,
करीब आकर गले लगाऊं, किस तरह मनाऊं तुझे..!

Jami Ansari By : Jami Ansari

Aansoo Shayari Views - 1628 1st Nov 2020

Wahi to dost hota hai

हर घड़ी हर लम्हा जो साथ होता है,
वही तो दोस्त होता है!

जो हर मुश्किल को आसान कर दे,
वही तो दोस्त होता है!

जिसकी बातों से हम सारी फिक्रे भुला दें,
जिससे हमारा एक आंसू भी ना छुप पाए,
वही तो दोस्त होता है!

जो हर खुशी को दोबाला कर दे,
वही तो दोस्त होता है!

जिसके बिना यह जिंदगी ,जिंदगी नहीं लगती,
जिसके बिना हर खुशी है अधूरी लगती,
जिसके बिना आसान भी मुश्किल लगता है,
वही तो दोस्त होता है,, वही तो दोस्त होता है,

रिश्तो को बदलने में कहा वक्त लगता है,
लेकिन, जो हमेशा साथ हो,
वही तो दोस्त होता है...

मुश्किल घड़ी में जिसकी पहले याद आती है,
जिसका साथ पाकर जिंदगी रंगीन हो जाती है,
वही तो दोस्त होता है, वही तो दोस्त होता है..!

Rushda Sadaf By : Rushda Sadaf

Dosti Shayari Views - 592 30th Oct 2020

Dil Sambhal Leti hu

अब हालातों में मैं ख़ुद को ढाल लेती हूँ,
तमन्ना कोई टूटे तो दिल संभाल लेती हूँ,

मुझे फँसाने के लिए बिछा कोई जाल तो नहीं,
अब हर एक चाल आसानी से पहचान लेती हूँ,

नहीं लगती लोगों की बातें ज़हर मुझको,
अब एक आधा सांप तो आस्तीन में पाल लेती हूँ,

संभाल कर रखा था दिल जब तब काँच का था,
पत्थर का हो चुका है अब शौक से उछाल लेती हूँ..!

Ammara Khan By : Ammara Khan

Hindi Poetry Views - 690 31st Oct 2020

Jung apno se ho to

जंग अपनों से हो, तो  हार जाना पड़ता है,
टूट कर बिखर जाओ तब भी मुस्कुराना पड़ता है,

लोग हंसते हैं मेरे दर्द की दास्तां सुनकर,
इसलिए दीवारों को "यार" बनाना पड़ता है,

जो छोड़कर चले जाएं, वो वापस कब आते हैं,
फिर उनकी यादों के सहारे ही जीना पड़ता है,

सब कुछ हासिल नहीं होता जिंदगी में,
कुछ ख्वाहिशों को दिलों में ही दबाना पड़ता है..!

Rushda Sadaf By : Rushda Sadaf

Zindagi Shayari Views - 713 30th Oct 2020

Tamanna kabhi khatam nahi hoti

तमन्नाओं पे क्या तब्सिरा लिखूँ,
तमन्नाएँ कभी ख़त्म नहीं होती हैं,

आओ बैठो चाय पीएगें हम दोनों,
वैसे गुफ़्तगू-ए-चाय नहीं होती है,

तमन्ना कम ही रहें इस दिल में,
ख़्वाहिशें दिल की पूरी नहीं होती हैं,

फ़कीर ने मुझको एक दुआ दी है,
दुआ फ़कीर की अधूरी नहीं होती है..!

Dr. Adil Husain By : Dr. Adil Husain

Zindagi Shayari Views - 630 30th Oct 2020
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