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Seene se laga kar sun vo dhadkan

सीने से लगा कर सुन वो धड़कन,
जो हर पल तुझे मिलने की ज़िद करती हैं,

जिन बातों को हम कह भी न सकते हैं,
उन्हें खामोशी अच्छे से बया करती हैं,

मेरी दलीले हर बार टाल दी जाती हैं,
मुलाकात के ज़िक्र पर मुझे नयी तारीख मिलती हैं,

अल्फ़ाज़ काफी हो चुके हैं,
तुम सुनने तो आओ मेरी ये धड़कन भी कुछ कहती हैं..!

Heena dangi By : Heena dangi

Intezaar Shayari Views - 4103 27th Jan 2021
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Sun na yaar

अच्छा सुन ना यार,
तेरी आखों में खोना चाहती हूँ,

अपने सारे गम भुलाकर,
सिर्फ तेरा होना चाहती हूँ,

मैं इस अंदाज़ में तुझसे महोब्बत चाहती हूँ,
तेरे ख्वाबों में भी अपनी हुकूमत चाहती हूँ..!

Heena dangi By : Heena dangi

Ishq Shayari Views - 527 27th Jan 2021
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Chehre ki muskaan

मेरे चेहरे की मुस्कान है तू,
इन आँखो की रूह का सुकून है तू,

मेरी ज़िन्दगी का एक महकता हुआ गुलाब है तू,
मेरे आँगन में खिलती हुई धूप है तू,

रात की रानी की तरह एक भीनी भीनी सी सुगंध है तू,
सदा सलामत रहे अब तो खुदा से मेरी दुआ है तू..!

Aliya khan By : Aliya khan

Romantic Shayari Views - 725 25th Jan 2021
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Aankhen

कहते है आँखे दिल का आईना होती है,
जो अल्फाज़ जुबा नहीं कहती ये आँखे बोल देती है,

दिल  कितना  भी  छुपा  ले  ये  दर्दे  मुहब्बत,
ये आँखे उसको अपने अश्कों से बहा देती है,

ये आँखे ही तो है जो छुप छुपकर,
उसके दीदार को तरसा करती है,

ज़ब मिलता नहीं है इनको कोई सुकून,
तो ये अक्सर उठ उठकर रातो से बाते किया करती है,

ये आँखे ही तो है जो तेरे सपनो को इनमे सजाये रहती है,
करती है ये मेरे ख्यालों में तुझसे ही बाते सदा,

नजाने ये तुझसे ही क्यों छुपाती हूँ अपना इजहारे मुहब्बत,
अपने दिल में उठे हर तूफान को क्यों में दबती हूँ..!

Aliya khan By : Aliya khan

Romantic Shayari Views - 648 23rd Jan 2021
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Jhagde paale hue hain

दरिया-ओ-समंदर ने कई कतरे पाले हुए हैं,
पंछियों ने भी यहां कई पिंजरे पाले हुए हैं,

जो एक साल गुज़रा उसके दरमियान हमने,
बातों के साथ साथ कई झगड़े पाले हुए हैं,

पेश आता है मोहब्बत से, नफरत भी करता है,
यहां हर एक शख्स ने कई लहजे पाले हुए है,

गुज़र जाती है सुबह शाम तुम्हे सुनाते हुए,
मैने भी बचपन के कई किस्से पाले हुए हैं,

बहाने खूब बना रखे हैं मैने तुम्हे बुलाने के,
तुमने भी न आने के कई हीले पाले हुए हैं,

तू बे-गैरत कि तुझसे एक मां नहीं संभाली जाती,
और एक मां ने तेरे जैसे कई बच्चे पाले हुए हैं,

मुझे इस बात पे फखर है कि "जामी" आज तक,
ग़लत फहमी नहीं पाली कई कुत्ते पाले हुए हैं..!

Jami Ansari By : Jami Ansari

Zindagi Shayari Views - 806 22nd Jan 2021
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