किस्मत के भी खेल निराले है,
ज़िन्दगी किसी ओर की डोर किसी ओर हवाले है..!
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किस्मत के भी खेल निराले है,
ज़िन्दगी किसी ओर की डोर किसी ओर हवाले है..!
न जाने कैसे खेल, खेल गया मेरे साथ,
मेरा हो कर भी नही लगता था मेरे पास,
कभी जो कहता था,
मैं सिर्फ चाहता हूँ तुम्हारा साथ,
मेरी मुश्किल परेशानीयों मे,
बस थाम लेना मेरा हाँथ,
एक दिन खुल गया उसका ये राज़,
मुझे छोड़, चला गया किसी ओर के पास,
तब मुझे समझ आई ये बात,
कोई उम्र भर नहीं निभाता किसी का साथ..!
कीमती वक़्त को अपने ज़ाया न कर,
तेरा मन न हो तो मिलने आया न कर,
अभी तो ठीक से तेरे हुए भी नहीं थे,
इतनी जल्दी तो हमको पराया न कर,
मैं रातों को जागू या दिन में सोऊ,
मेरे खाबो में आकर सताया न कर,
मैं करीब आकर पहले माथे को चूमूँगा,
मेरे करीब आने से तू शरमाया न कर,
एक पल में हसना, पल में रूठ जाना,
इस तरह दिल पे खंजर चलाया न कर,
परवाह होगा तो दिल खोलकर करना,
यू झूठ का परवाह हमें जताया न कर,
मैं हूं शामिल जब तक तेरी जिंदगी में,
तू आंखो से कभी आंसू बहाया न कर,
मैं एक दिन खामोशी से लौट जाऊंगा,
यू मुझे रकीब के किस्से सुनाया न कर..!
मेरे अन्दर धीरे-धीरे समां रहा है कोई,
मेरे दिल मे जगह बना रहा है कोई,
आँखे मेरी और उन मे नज़र आ रहा है,
मेरे इन लबों मे हंसी ला रहा है कोई,
मेरी तन्हाई को सज़ा रहा है कोई,
मेरे ख्वाबों को हसी बना रहा है कोई,
मेरे अक्स मे मुझे दिखा जा रहा है कोई,
शायद मेरी किस्मत में लिखा जा रहा है कोई..!
मोहब्बतों में जो कमाल करते हैं,
इतिहास उन्हीं के नाम करते,
मोहब्बतों में जो दिल आबाद करते हैं,
सब उन्हें बदनाम करते है,
मोहब्बतों में जो सब क़ुरबान करते हैं,
उनके किस्से लोग सरेआम करते हैं..!
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