हर पल,हर वक़्त,
हर लम्हा, हर पहर,
हर सुबह, हर शाम, हर दिन, हर रात,
करती हूँ तेरा इन्तजार..!
हर पल,हर वक़्त,
हर लम्हा, हर पहर,
हर सुबह, हर शाम, हर दिन, हर रात,
करती हूँ तेरा इन्तजार..!
वक़्त जब भी मिले,
बताना ज़रूर, बिन मेरे,
तुम्हारा हाल कैसा है..?
गुज़रा ये साल कैसा है..?
Suno,
Sath kuch waqt guzarenge,
Zara furasat se milo.
Jb sitaron se lipta aasama ho,
Chand ki Roshni me duba Samaa ho,
Sath kuch waqt guzarenge,
Zara furasat se milo.
Kbhi khamoshiya kbhi kuch baat ho,
Khule Aasma ke niche hm sath ho,
Khaas kuch Lamhe guzarenge,
Zara furasat se milo.
Kbhi izhaar krungi kbhi inkaar krungi,
Kbhi tumko gale se lga kr behad pyar kraungi,
Suno,
Zara furasat se milo.
सुनो तुम रख लो ना मुझे अपने पास,
तुम्हे खोने का डर सता रहा है,
देखो ना वो चाँद भी तो कहा अकेला है,
उसके पास भी तो एक सितारा है..!
By : Heena dangi
कहते है आँखे दिल का आईना होती है,
जो अल्फाज़ जुबा नहीं कहती ये आँखे बोल देती है,
दिल कितना भी छुपा ले ये दर्दे मुहब्बत,
ये आँखे उसको अपने अश्कों से बहा देती है,
ये आँखे ही तो है जो छुप छुपकर,
उसके दीदार को तरसा करती है,
ज़ब मिलता नहीं है इनको कोई सुकून,
तो ये अक्सर उठ उठकर रातो से बाते किया करती है,
ये आँखे ही तो है जो तेरे सपनो को इनमे सजाये रहती है,
करती है ये मेरे ख्यालों में तुझसे ही बाते सदा,
नजाने ये तुझसे ही क्यों छुपाती हूँ अपना इजहारे मुहब्बत,
अपने दिल में उठे हर तूफान को क्यों में दबती हूँ..!
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