घर जाते हैं तो सोचते हैं,
घर न होता तो कहाँ जाते...
Kaha jaate
By : Ruhi Singh
Hindi Poetry
Views - 309
23rd Mar 2020
घर जाते हैं तो सोचते हैं,
घर न होता तो कहाँ जाते...
बीच सड़क में तेरी यादों को जलाया है
मैंने राख से भी बद्दत्तर अपना हाल बनाया है।।
By : Heena dangi
अकेले नहीं हैं हम,
सच के साथ चलते हैं...
Jab Aansoo Girna Band ho jaye,
Toh Takleef Gussa Ban kar bahaar Nikalte hai....
By : Rukhsar
वो आए हैं मेरी उदासी पे मुस्कान छिड़कने,
उनके आने से लगता है आया है कोई...
© Copyright 2020-24 bepanaah.in All Rights Reserved