Qaid karti hu Hasratein Dil me,
Phir unhein khud-khushi sikhati hu...
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Qaid karti hu Hasratein Dil me,
Phir unhein khud-khushi sikhati hu...
हर दिन के बाद क्यों ये रात आती है?
जाना तुम्हारी बहोत याद आती है,
दिन तो इस भीड़ में निकल जाता है,
पर ये रातें मुझे बहोत सताती है..!
Tere liye meri ibadatein wohi hai,
tu sharam kar Teri aadatein wohi hai...
रात के ख्वाबो में जिस दिन तू आ जाती है,
उस सुबह तो जैसे मेरी जान जाती है,
मौत भी न दे खुदा किसी को ऐसी,
जैसी तेरी याद आती है।
ये हवाएं जब भी मुझे छू कर गुजरती है,
ऐसे लगता है, तेरा कोई पैगाम लाती है।
तेरे बारे में गर पूछ ले कोई, तो पागल सा हो जाता हूँ,
तेरा नाम सुनकर मेरी धड़कनें बढ़ जाती है।
हालत तो देखो, गर कोई किसी को प्यार से बुला ले,
ऐसे लगता है की, तू मुझे बुलाती है।
तेरी यादों से मैं कितना भी दूर चला जाऊँ,
हर चीज़ मुझे तेरी याद दिलाती है,
हर चीज़ मुझे तेरी याद दिलाती है..!
Bachapan me jab unhe maine dekha tha,
Mera Dil is kadar khila tha,
unki muskaan aur Meri muskaan thi to ek jaisi,
Isliye unki chato pe mai to chali aayi...
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