जानता तो मैं भी था की वो झूठा था,
मगर उसने अपना कहकर मुझे लूटा था..!
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जानता तो मैं भी था की वो झूठा था,
मगर उसने अपना कहकर मुझे लूटा था..!
मुड़ मुड़ के देखते है जिन्हें,
अब मुड़ कर भी नहीं देखते वो हमें..!
मै तो बस दिल जोड़ने की बात में था,
देखा, तुम्हारा हाथ किसी और के हाथ में था,
तुम्हे सामने से गुजरता देख इतना बेबस हो गया,
मुझे खुद नहीं पता किस हालात में था,
इतना दर्द ज़िन्दगी में कभी महसूस नहीं हुआ,
जितना दर्द उस मुलाकात में था..!
तेरे नाम की मेहँदी का रंग निखर आया है,
शायद किसी ने इसमे रसायन मिलाया हैं..!
मोहब्बत की गिनती दो से शुरू होती है,
और दो पर ही खत्म होती है, अगर दो से एक हो जाये तो,
पाओं के नीचे से जमीन फिसल जाता है,
और दो से तीन हो जाये तो, दिल से ये यकींन निकल जाता है..!
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