उससे मिलने को दिल मचल रहा है, ये मसला है,
चराग आंधियों में भी जल रहा है, ये मसला है,
जो मेरी आंखों की पुतलियों में समाया हुआ था,
वो आंसू बन कर निकाल रहा है, ये मसला है,
उसके साए के पीछे पीछे मेरा साया,
ग़लत राह पे चल रहा है, ये मसला है,
जिसके चेहरे पे मैं फिदा था वो एक पागल,
कितने चेहरे बदल रहा है, ये मसला है,
वो एक सूरज जिसके उजाले से था में रोशन,
धीरे धीरे वो ढल रहा है, ये मसला है,
बरसों पहले किया था वादा की एक होंगें,
वो वादा अब तक भी टल रहा है, ये मसला है,
ग़म को सीने से लगा कर अपने अपनों से दूर होकर,
'जामी' हाथों को मल रहा है, ये मसला है !
