जितना था उससे ज्यादा दिया मैंने,
मोहब्बत में सब कुछ किया मैंने,
ये बाहरी सुंदरता तो ठीक है,
पर तुम्हारे रूह से प्यार किया मैंने,
बस मरते दम तक इतना चाहना है तुम्हे,
की मै खुद सोचू, ये कैसे किया मैंने..!
जितना था उससे ज्यादा दिया मैंने,
मोहब्बत में सब कुछ किया मैंने,
ये बाहरी सुंदरता तो ठीक है,
पर तुम्हारे रूह से प्यार किया मैंने,
बस मरते दम तक इतना चाहना है तुम्हे,
की मै खुद सोचू, ये कैसे किया मैंने..!
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