एक रूहानी शाम का इंतज़ार आज भी है,
किसी अजनबी हमसफ़र की तलाश आज भी है।
माना की वक्त बदल गया है,
पर शायद तुम्हारे लौटने का इंतज़ार आज भी है।।
Intezaar
By : Hetal Rajpurohit
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Intezaar Shayari
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2nd Jan 2020
