एक रूहानी शाम का इंतज़ार आज भी है,
किसी अजनबी हमसफ़र की तलाश आज भी है।
माना की वक्त बदल गया है,
पर शायद तुम्हारे लौटने का इंतज़ार आज भी है।।
Intezaar
By : Hetal Rajpurohit
Follow on Instagram
Hetal_rajpurohit100
Intezaar Shayari
Views - 527
2nd Jan 2020
