ये दिन भी गुज़र गया,
आज भी सिर्फ़ तेरा ख्वाब आया,
रास्ते की तरह तु भी कही ठहर गया,
जब मिलने का वक़्त आया,
ये दिन भी बेशर्मी से रुला गया,
इंतज़ार आंखों में नमी सा छा गया,
मगर तु ना आया,
आज भी सिर्फ़ तेरा ख्वाब आया..!
Aaj bhi sirf tera khwaab aaya
By : Heena dangi
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Intezaar Shayari
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11th Jun 2020
