बीच सड़क में तेरी यादों को जलाया है
मैंने राख से भी बद्दत्तर अपना हाल बनाया है।।
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बीच सड़क में तेरी यादों को जलाया है
मैंने राख से भी बद्दत्तर अपना हाल बनाया है।।
अकेले नहीं हैं हम,
सच के साथ चलते हैं...
Jab Aansoo Girna Band ho jaye,
Toh Takleef Gussa Ban kar bahaar Nikalte hai....
वो आए हैं मेरी उदासी पे मुस्कान छिड़कने,
उनके आने से लगता है आया है कोई...
मुट्ठी में रेत जैसी है आजकल की मुहब्बत,
दो पल से ज़्यादा ठहरती ही नहीं...
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