मैं चढ़ रही हूँ सूली पर..!
सुनो! तुम आओगे ना मेरी बरबादी पर..!!
Chadh rahi hu sooli par
By : Heena dangi
Tanhai Shayari
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4th Apr 2020
मैं चढ़ रही हूँ सूली पर..!
सुनो! तुम आओगे ना मेरी बरबादी पर..!!
By : Heena dangi
अक्सर उनके लफ्जों पर अपना दिल,
हार लिया करती हूं। जब भी वह मुझे देखते हैं,
तो नजरें झुका कर थोड़ा सा मुस्कुरा,
कर अपनी जुल्फें सवार लिया करती हूं..!
Bolti kam hu lekin,
logo ko chup karane ka hunar janti hu..!
By : Rukhsar
उम्मीदें बेहिसाब है उनकी मुझसे कि अक्सर खुद को बस मेरा बताया करते हैं,
मुझ पर अपना हक बातों बातों में हर बार वो बेहिसाब जताया करते हैं..!
तुम्हारे ख्यालों में आजकल इतने खोए रहते हैं कि अक्सर चाय में चीनी ज्यादा घोल देते हैं,
तुम्हारी हंसी से दिल का शहर आबाद है मेरा शरमाते हुए ही सही पर तुम से बोल देते हैं
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