मांगा जिसे मैंने सारी रात रो - रो कर नमाज़ में,
वो सुबह किसी और को बिन मांगे मिल गया...!
Manga jise namaz me
By : Rushda Sadaf
Dard Shayari
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11th Jul 2020
मांगा जिसे मैंने सारी रात रो - रो कर नमाज़ में,
वो सुबह किसी और को बिन मांगे मिल गया...!
जब जब लगा मै तेरे लिए ख़ास हूँ,
तेरी बेरुखी ने समझाया झूठी आस में हूँ..!
तू सवारते - सवारते कही शाम न हो जाये,
तुझसे मिलने की चाहत कही आम न हो जाये..।
इश्क़ जीने के लिए,जरूरी कोई थोड़ी है,
मोहब्बत है तुमसे, मज़बूरी कोई थोड़ी है..!
By : Shivam Agrahari
बर्बाद करना है तो पुरा करके जाओ,
यूं अधुरा करके कहा जा रहे हो तुम..?
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